Aaina (आईना) में देखने की दुआ इस्लामिक अदब और तालीम का हिस्सा है, जिसमें इंसान अल्लाह से दुआ करता है कि वो उसकी सूरत के साथ-साथ उसके अख़लाक और किरदार को भी खुबसूरत बनाए।
आईना में देखने की दुआ
ٱللّٰهُمَّ كَمَا حَسَّنْتَ خَلْقِي فَحَسِّنْ خُلُقِي
Allahumma kama hassanta khalqi fa hassin khuluqi.
“ऐ अल्लाह! जैसे तूने मेरी सूरत को खुबसूरत बनाया है, वैसे ही मेरे अख़लाक (चरित्र) को भी खुबसूरत बना दे।”
इस दुआ को आईना देखते वक़्त पढ़ना न सिर्फ़ अपनी सूरत की नेमत की क़दर करना है, बल्कि अपने अंदरूनी किरदार को बेहतर बनाने की भी इल्तिज़ा है।