आज हम इस पोस्ट में Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Main Lyrics In English के खूबसूरत अल्फाज़ को जानेंगे। यह नात आपके दिल को गहराई से छूएगा और रूहानी सुकून देगा। पढ़ें और इस नात की पाकीजगी का एहसास करें। अपने दिल को इस रूहानी एहसास से भरपूर बनाएं ।
Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Main Lyrics In English
Naat-e-Sarkar Ki Padhta Hoon Main
Bas Isi Baat Se Ghar Mein Mere Rehmat Hogi
Ik Tera Naam Waseela Hai Mera
Ranj-o-Gham Mein Bhi Isi Naam Se Rahat Hogi
Ye Suna Hai Ke Bohat Ghor Andheri Hogi
Qabr Ka Khauf Na Rakhna, Ae Dil!
Wahan Sarkar Ke Chehre Ki Ziyarat Hogi
Kabhi Yasin, Kabhi Taha, Kabhi Waleil Aaya
Jis Ki Qasmein Mera Rab Khata Hai
Kitni Dil-Kash Mere Mehboob Ki Soorat Hogi!
Hashr Ka Din Bhi Ajab Dekhne Wala Hoga
Zulf Lehrate Wo Jab Aayenge
Phir Qayamat Pe Bhi Khud Ek Qayamat Hogi
Unko Mukhtar Banaya Hai Mere Allah Ne
Khuld Mein Bas Wo Hi Ja Sakta Hai
Jisko Hasnain Ke Nana Ki Ijazat Hogi
Do-Jahan Mein Use Phir Kaun Panah Mein Lega
Hoga Ruswa Wo Sar-e-Hashr Jise
Sayyida Zahra Ke Bachon Se Adawat Hogi
Unki Chaukhat Pe Pade Hain To Bari Mauj Mein Hain
Laut Ke Aayenge Jab Us Dar Se
Mere Dil! Tu Hi Bata Kya Teri Haalat Hogi!
Rashk Se Door Khade Dekhte Honge Zahid
Jab Sar-e-Hashr Gunahgaron Par
Mere Aaqa Ka Karam Hoga, Inayat Hogi
Mera Daaman To Gunahon Se Bhara Hai, Altaaf!
Ik Sahara Hai Ke Main Tera Hoon
Isi Nisbat Se Sar-e-Hashr Shafaat Hogi
Ye Naam Koi Kaam Bigadne Nahi Deta
Bigde Bhi Bana Deta Hai Bas Naam-e-Muhammad
Naat-e-Sarkar Ki Padhta Hoon Main
Bas Isi Baat Se Ghar Mein Mere Raunaq Hogi
Ik Tera Naam Waseela Hai Mera
Ranj-o-Gham Mein Bhi Isi Naam Se Rahat Hogi
Naat-e-Sarkar Ki Padhta Hoon Main
Bas Isi Baat Se Ghar Mein Mere Raunaq Hogi
Ya Rasoolullah! Ya Habeebullah!
Ya Muhammad Muhammad Main Kehta Raha
Noor Ke Motioun Ki Ladi Ban Gayi
Aayaton Se Milata Raha Aayaten
Phir Jo Dekha To Naat-e-Nabi Ban Gayi
Ya Muhammad Muhammad Main Kehta Raha
Noor Ke Motioun Ki Ladi Ban Gayi
Jo Bhi Aansu Bahe Mere Sarkar Ke
Sab Ke Sab Abr-e-Rehmat Ke Cheente Bane
Chha Gayi Raat Jab Zulf Lehrayi
Jab Tabassum Kiya Chandni Ban Gayi
Ya Muhammad Muhammad Main Kehta Raha
Noor Ke Motioun Ki Ladi Ban Gayi
Qurban Main Unki Bakhshish Ke
Maqsad Bhi Zuban Par Aaya Nahi
Bin Maange Diya Aur Itna Diya
Daaman Mein Humare Samaya Nahi
Ye Suna Hai Ke Bohat Ghor Andheri Hogi
Qabr Ka Khauf Na Rakhna, Ae Dil!
Wahan Sarkar Ke Chehre Ki Ziyarat Hogi
Naat-e-Sarkar Ki Padhta Hoon Main
Bas Isi Baat Se Ghar Mein Mere Raunaq Hogi
Hashr Ka Din Bhi Ajab Dekhne Wala Hoga
Zulf Lehrate Wo Jab Aayenge
Phir Qayamat Mein Bhi Ik Aur Qayamat Hogi
Naat-e-Sarkar Ki Padhta Hoon Main
Bas Isi Baat Se Ghar Mein Mere Raunaq Hogi
Ya Rasoolullah! Ya Habeebullah!
Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Main Lyrics In Hindi
नात सरकार की पढ़ता हूँ मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रह़मत होगी
इक तेरा नाम वसीला है मेरा
रंज-ओ-ग़म में भी इसी नाम से राहत होगी
ये सुना है कि बहुत गोर अँधेरी होगी
क़ब्र का ख़ौफ़ न रखना, ए दिल !
वहाँ सरकार के चेहरे की ज़ियारत होगी
कभी यासीं, कभी ता़हा, कभी वलैल आया
जिस की क़समें मेरा रब खाता है
कितनी दिल-कश मेरे महबूब की सूरत होगी !
हश्र का दिन भी अजब देखने वाला होगा
ज़ुल्फ़ लहराते वो जब आएँगे
फिर क़यामत पे भी ख़ुद एक क़यामत होगी
उन को मुख़्तार बनाया है मेरे अल्लाह ने
ख़ुल्द में बस वो ही जा सकता है
जिस को हसनैन के नाना की इजाज़त होगी
दो-जहाँ में उसे फिर कौन पनाह में लेगा
होगा रुस्वा वो सर-ए-हश्र जिसे
सय्यिदा ज़हरा के बच्चों से अदावत होगी
उन की चौखट पे पड़े हैं तो बड़ी मौज में हैं
लौट के आएँगे जब उस दर से
मेरे दिल ! तू ही बता क्या तेरी हालत होगी !
रश्क से दूर खड़े देखते होंगे ज़ाहिद
जब सर-ए-हश्र गुनाहगारों पर
मेरे आक़ा का करम होगा, इनायत होगी
मेरा दामन तो गुनाहों से भरा है, अल्ताफ़ !
इक सहारा है कि मैं तेरा हूँ
इसी निस्बत से सर-ए-हश्र शफ़ाअ’त होगी
ये नाम कोई काम बिगड़ने नहीं देता
बिगड़े भी बना देता है बस नाम-ए-मुहम्मद
नातें सरकार की पढ़ता हूँ मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रौनक़ होगी
इक तेरा नाम वसीला है मेरा
रंज-ओ-ग़म में बस इसी नाम से राहत होगी
नातें सरकार की पढ़ता हूँ मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रौनक़ होगी
या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
या मुहम्मद मुहम्मद मैं कहता रहा
नूर के मोतियों की लड़ी बन गई
आयतों से मिलाता रहा आयतें
फिर जो देखा तो ना’त-ए-नबी बन गई
या मुहम्मद मुहम्मद मैं कहता रहा
नूर के मोतियों की लड़ी बन गई
जो भी आँसू बहे मेरे सरकार के
सब के सब अब्र-ए-रहमत के छींटे बने
छा गई रात जब ज़ुल्फ़ लहरा गई
जब तबस्सुम किया चाँदनी बन गई
या मुहम्मद मुहम्मद मैं कहता रहा
नूर के मोतियों की लड़ी बन गई
क़ुर्बान मैं उन की बख़्शिश के मक़्सद भी ज़बाँ पर आया नहीं
बिन माँगे दिया और इतना दिया, दामन में हमारे समाया नहीं
ये सुना है कि बहुत गोर अँधेरी होगी
क़ब्र का ख़ौफ़ न रखना, ए दिल !
वहाँ सरकार के चेहरे की ज़ियारत होगी
नातें सरकार की पढ़ता हूँ मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रौनक़ होगी
हश्र का दिन भी अजब देखने वाला होगा
ज़ुल्फ़ लहराते वो जब आएँगे
फिर क़यामत में भी इक और क़यामत होगी
नातें सरकार की पढ़ता हूँ मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रौनक़ होगी
या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
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Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Main Lyrics In English यह नात हज़रत सैयद अब्दुल वाहिद हसन शाह द्वारा लिखा गया है। इन शब्दों में एक खास तरह की रूहानी ताकत है जो दिल को सुकून देती है। शायर की मेहनत और उनके शब्द हमें अल्लाह की दुआ और बरकत का एहसास कराते हैं।
हमें यकीन है कि इस पोस्ट को पढ़कर Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Main Lyrics In English के पाक अल्फाज़ आपके दिल को छू लेंगे। इस नात की रूहानी खूबसूरती और सुकून से भरपूर शब्द आपके दिल को शांति देंगे। इस अहसास का लाभ उठाएं और हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें ताकि आपको और भी नूरानी नातों की जानकारी मिले।
Naate Sarkar Ki Padhta Hoon Main Lyrics In English
सवाल: Naate sarkar ki padhta hoon main किसने लिखा है?
जवाब: Naate sarkar ki padhta hoon main हज़रत सैयद अब्दुल वाहिद हसन शाह ने लिखा है।
सवाल: इस नात की क्या खासियत है?
जवाब: इस नात के अल्फाज़ दिल को बहुत सुकून देते हैं और रूहानी शांति का अहसास कराते हैं।
सवाल: Naate sarkar ki padhta hoon main पढ़ने से हमें क्या फायदा होता है?
जवाब: इसे पढ़ने से दिल को शांति मिलती है और अल्लाह की दुआ से भरपूर एहसास होता है।
सवाल: इस नात के शब्दों में क्या खास बात है?
जवाब: इस नात के शब्द बहुत ही पवित्र और दिल को छूने वाले हैं, जो रूहानी तासीर से भरपूर होते हैं।
सवाल: इस नात को सुनने या पढ़ने का सही तरीका क्या है?
जवाब: इस नात को शांति और ध्यान से सुनें या पढ़ें ताकि आप इसके रूहानी एहसास का पूरा लाभ उठा सकें।