Har Waqt Tasawwur Me Naat Lyrics – Complete Lyrics

आज हम इस पोस्ट में har waqt tasawwur mein naat lyrics के बारे में चर्चा करेंगे। यह नात आपके दिल को छूने और रूह को सुकून देने का वादा करता है। इस खूबसूरत नात की हर एक लाइन में छुपा है सुकून और तसव्वुर का एहसास। इस अनुभव के लिए पढ़ते रहें और हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें। islamforall.in

Har Waqt Tasawwur Me Naat Lyrics
Har Waqt Tasawwur Me Naat Lyrics

har waqt tasawwur me naat lyrics हिंदी में 

हर वक़्त तसव्वुर में मदीने की गली हो

और याद मुहम्मद की मेरे दिल में बसी हो

ऐ काश ! तसव्वुर में मदीने की गली हो

और याद-ए-मुहम्मद भी मेरे दिल में बसी हो

दो सोज़-ए-बिलाल, आक़ा ! मिले दर्द रज़ा सा

सरकार ! ‘अता ‘इश्क़-ए-उवैस-ए-क़रनी हो

ऐ काश ! मैं बन जाऊँ मदीने के मुसाफ़िर

फिर रोती हुई तयबा को बारात चली हो

ऐ काश ! मदीने में मुझे मौत यूँ आए

चौखट पे तेरी सर हो, मेरी रूह चली हो

जब ले के चलो गोर-ए-ग़रीबाँ को जनाज़ा

कुछ ख़ाक मदीने की मेरे मुँह पे सजी हो

जिस वक़्त नकीरैन मेरी क़ब्र में आएँ

उस वक़्त मेरे लब पे सजी ना’त-ए-नबी हो

आक़ा का गदा हूँ, ऐ जहन्नम ! तू भी सुन ले

वो कैसे जले जो कि ग़ुलाम-ए-मदनी हो

आक़ा की शफ़ा’अत से तो जन्नत ही मिलेगी

ऐ काश ! कि क़दमों में जगह उन के मिली हो

अल्लाह की रहमत से तो जन्नत ही मिलेगी

ऐ काश ! महल्ले में जगह उन के मिली हो

अल्लाह करम ऐसा करे तुझ पे जहाँ में

ऐ दा’वत-ए-इस्लामी ! तेरी धूम मची हो

‘अत्तार हमारा है, सर-ए-हश्र इसे, काश !

दस्त-ए-शह-ए-बतहा से यही चिठ्ठी मिली हो

har waqt tasawwur me naat lyrics English में 

Har waqt tasavvur mein Madine ki gali ho
Aur yaad Muhammad ki mere dil mein basi ho

Aye kaash! tasavvur mein Madine ki gali ho
Aur yaad-e-Muhammad bhi mere dil mein basi ho

Do soz-e-Bilal, Aaqa! mile dard-e-Raza sa
Sarkar! ‘ata ishq-e-Uwais-e-Qarni ho

Aye kaash! main ban jaun Madine ke musafir
Phir roti hui Tayyaba ko baarat chali ho

Aye kaash! Madine mein mujhe maut yun aaye
Chaukhat pe teri sar ho, meri rooh chali ho

Jab le ke chalo gor-e-ghareeban ko janaza
Kuch khaak Madine ki mere munh pe saji ho

Jis waqt Nakirein meri qabr mein aayein
Us waqt mere lab pe saji na’at-e-Nabi ho

Aaqa ka gada hoon, aye Jahannam! tu bhi sun le
Woh kaise jale jo ke ghulaam-e-Madni ho

Aaqa ki shafa’at se to Jannat hi milegi
Aye kaash! ke qadmon mein jagah un ke mili ho

Allah ki rehmat se to Jannat hi milegi
Aye kaash! mahallay mein jagah un ke mili ho

Allah karam aisa kare tujh pe jahan mein
Aye Da’wat-e-Islami! teri dhoom machi ho

‘Attar hamara hai, sar-e-Hashr ise, kaash!
Dast-e-Shah-e-Batha se yahi chhithi mili ho

हर वक्त तसव्वुर में नात के बोल  यह नात मौलाना मोहम्मद इलियास द्वारा लिखी गई है। इस नात के लेखक को सम्मान देने और उनके काम को सराहने के लिए हम उनका क्रेडिट देते हैं।

मौलाना मोहम्मद इलियास की इस नात में हर शब्द एक खास मतलब है और सुकून देते है। इस नात को पढ़कर आप महसूस करेंगे कि यह आपकी रूह  को सुकून और तसव्वुर का अहसास देती है।

हमें यकीन है कि इस पोस्ट को पढ़कर आपको har waqt tasawwur me naat lyrics  के खूबसूरत अल्फाज़ का सही एहसास हुआ होगा। इस नात की मिठास और तसव्वुर से भरपूर लफ्ज़ों का आनंद लें और अपने दिल को सुकून दें।

har waqt tasawwur me naat lyrics FAQ

नात और तसव्वुर का संबंध क्या है?
नात और तसव्वुर का गहरा रिश्ता है। जब हम अपने दिल और दिमाग में हज़ूर ﷺ की याद रखते हैं, तो इससे हमारे जज़्बात मजबूत होते हैं और रूह को सुकून मिलता है। हर वक्त मदीने और हज़ूर ﷺ की याद दिल में बसी रहे, तो इंसान को रूहानी सुकून मिलता है।


2. हर वक्त मदीने की गली के तसव्वुर का मतलब क्या है?
इसका मतलब है कि हमारा दिल और दिमाग हर समय मदीना और हज़ूर ﷺ की मोहब्बत में डूबा रहे। मदीने की गली का तसव्वुर हमें दुनिया के ग़मों से दूर कर देता है और रूहानी सुकून की तरफ ले जाता है।


3. नात पढ़ने वाले का क्या महत्व है?
नात पढ़ने वाले का स्थान बहुत ऊँचा होता है। जब कोई इंसान हज़ूर ﷺ की नात पढ़ता है, तो वह न सिर्फ अपने लिए सवाब कमाता है, बल्कि दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त भी पाता है।

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