Namaz ki Rakat- नमाज़ की रकात – TOTAL NAMAZ जैसे फज़र, जोहर , असर , मग़रिब, ईशा और तमाम सुन्नते- नफ्ल नमाज़ की रकते जानिए इस पोस्ट में. नमाज़ (सलात) इस्लाम का सबसे अहम इबादत है, जो हर मुसलमान को दिन में 5 बार अदा करनी होती है। हर नमाज़ में कुछ निश्चित रकात (units of prayer) होती हैं, जो अलग-अलग समय पर पढ़ी जाती हैं।
रकात क्या होती है?
रकात इस्लामिक नमाज़ की एक यूनिट होती है, जिसमें निम्नलिखित हरकतें शामिल होती हैं:
- क़ियाम (खड़े होकर क़ुरान पढ़ना)
- रुकू (झुकना)
- सजदा (सजदा करना)
- तशह्हुद (बैठकर दुआ पढ़ना)
हर रकात में ये हरकतें दोहराई जाती हैं।
नमाज़ की रक़ात – नामज़ चार्ट – को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका (Table) देखें:
नमाज़ का नाम | कुल रक़ात | सुन्नत (मुअक्कदा) | फ़र्ज़ | सुन्नत (ग़ैर मुअक्कदा) | वित्र/नफ़िल |
---|---|---|---|---|---|
फ़ज्र | 4 | 2 | 2 | – | – |
जोहर | 12 | 4 | 4 | 2 | 2 |
असर | 8 | 4 | 4 | – | – |
मग़रिब | 4 | – | 3 | – | 1 |
इशा | 17 | 4 | 4 | 2 | 3+4 |
जुमा (शुक्रवार) | 14 | 4 | 2 | 4 | 4 |
तहज्जुद | 12 | – | – | – | 12 |
इशराक | 4 | – | – | – | 4 |
चाश्त | 8 | – | – | – | 8 |
अव्वाबीन | 6 | – | – | – | 6 |
नोट:
- नवाफ़िल (नफ्ल) नमाज़ 2-2 रक़ात करके पढ़नी चाहिए।
- तहज्जुद, इशराक, चाश्त और अव्वाबीन की नमाज़ें नफ़िल होती हैं।
- सुन्नत मुअक्कदा – वह सुन्नतें जो नबी-ए-पाक (ﷺ) हमेशा पढ़ते थे।
- सुन्नत ग़ैर मुअक्कदा – वे सुन्नतें जो कभी-कभी पढ़ी जाती थीं।
- वित्र – यह वाजिब (जरूरी) नमाज़ होती है।
Namaz Ki Rakat – नमाज़ की रकातें (Hindi में)
फ़ज्र की नमाज़
कुल रकात: 4
- 2 सुन्नत (मुअक्कदा)
- 2 फ़र्ज़
जोहर की नमाज़
कुल रकात: 12
- 4 सुन्नत (मुअक्कदा)
- 4 फ़र्ज़
- 2 सुन्नत (ग़ैर मुअक्कदा)
- 2 नफ़्ल
असर की नमाज़
कुल रकात: 8
- 4 सुन्नत (ग़ैर मुअक्कदा)
- 4 फ़र्ज़
मग़रिब की नमाज़
कुल रकात: 4
- 3 फ़र्ज़
- 1 सुन्नत (मुअक्कदा)
इशा की नमाज़
कुल रकात: 17
- 4 सुन्नत (ग़ैर मुअक्कदा)
- 4 फ़र्ज़
- 2 सुन्नत (मुअक्कदा)
- 2 नफ़्ल
- 3 वित्र
- 2 नफ़्ल
जुम्मा की नमाज़ (Friday Prayer)
कुल रकात: 14
- 4 सुन्नत (मुअक्कदा)
- 2 फ़र्ज़
- 4 सुन्नत (मुअक्कदा)
- 2 सुन्नत (ग़ैर मुअक्कदा)
- 2 नफ़्ल
अन्य नफ़्ल नमाज़ें:
तहज्जुद की नमाज़
- 12 रकात (2-2 रकात करके)
इशराक की नमाज़
- 2 या 4 रकात (सूरज निकलने के बाद)
चाश्त की नमाज़
- 4 से 8 रकात (सुबह के वक़्त)
अवाबीन की नमाज़
- 6 रकात (मग़रिब के बाद)
नोट:
नवाफिल नमाज़ें हमेशा 2-2 रकात करके पढ़ी जाती हैं।
नमाज़ की रकात क्या है ?
1. फर्ज़ (अनिवार्य) नमाज़
ये वे अनिवार्य प्रार्थनाएँ हैं, जिन्हें हर मुसलमान को अदा करना आवश्यक है:
- फज्र: 2 रकात
- दुहर: 4 रकात
- असर: 4 रकात
- मगरिब: 3 रकात
- ईशा: 4 रकात
2. सुन्नत (प्रस्तावित) नमाज़
ये वे प्रार्थनाएँ हैं, जिन्हें पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) नियमित रूप से अदा करते थे:
- फज्र: 2 रकात (फर्ज से पहले)
- दुहर: 4 रकात (फर्ज से पहले) और 2 रकात (फर्ज के बाद)
- असर: 4 रकात (फर्ज से पहले)
- मगरिब: 2 रकात (फर्ज के बाद)
- ईशा: 2 रकात (फर्ज के बाद)
3. वित्र
- वित्र: 3 रकात (ईशा के बाद अदा की जाती है)। यह वाजिब है।
4. नफ्ल (वैकल्पिक) नमाज़
ये अतिरिक्त प्रार्थनाएँ हैं जिन्हें किसी भी समय अदा किया जा सकता है:
- तहजुद: आमतौर पर 2 रकात या अधिक (रात के समय अदा की जाती है)।
- दुआ (अर्ज़ी): आप अतिरिक्त नफ्ल प्रार्थनाएँ कभी भी अदा कर सकते हैं।
रकातों का सारांश
- फर्ज़: अनिवार्य (अनिवार्य) प्रार्थनाएँ।
- सुन्नत: फर्ज़ प्रार्थनाओं को पूरा करने वाली अनुशंसित प्रार्थनाएँ।
- वित्र: ईशा के बाद अदा की जाने वाली विषम संख्या में रकातें।
- नफ्ल: वैकल्पिक प्रार्थनाएँ जो किसी भी समय अदा की जा सकती हैं।

1. नमाज़ की रकात (Namaz ki Rakat)
नमाज़ की रकात FARZ नमाज़ के लिए अलग-अलग होती हैं। उदाहरण के लिए: ONLY FARZ NAMAZ DIYA HAI
- फजर: 2 रकात
- ज़ोहर: 4 रकात
- असर: 4 रकात
- मग़रिब: 3 रकात
- ईशा: 4 रकात
2. ईशा की नमाज़ की रकात (Isha ki Namaz ki Rakat)
ईशा की नमाज़ 4 sunnat , 4 रकात फर्ज़, 2 रकात सुन्नत, 2 Nafil और 3 रकात वित्र 2 nafil के साथ कुल 17 रकात होती है।
3. तहज्जुद की नमाज़ की रकात (Tahajjud ki Namaz ki Rakat)
तहज्जुद की नमाज़ की रकात १२ है . २-२ रकत नफ्ल नमाज़ कर के पढना है . तहज्जुद का वक़्त इशा के बाद से सुबह सादिक तक होता है .
4. ज़ोहर की नमाज़ की रकात (Zohar ki Namaz ki Rakat)
ज़ोहर की नमाज़ 4 रकात फर्ज़ और 2 रकात सुन्नत के साथ कुल 6 रकात होती है।
5. ईद की नमाज़ की नियत (Eid ki Namaz ki Niyat)
ईद की नमाज़ की नियत:
“मैं 2 रकात नमाज़ ईदुल फित्र/ईदुल अज़हा की नियत करता/करती हूँ, अल्लाह त’आला के लिए, मुंह काबा शरीफ की तरफ।”
6. जुम्मा की नमाज़ की रकात (Jumma ki Namaz ki Rakat)
जुम्मा की नमाज़ 2 रकात फर्ज़ होती है, जिसके पहले 4 रकात सुन्नत और बाद में 4 रकात सुन्नत पढ़ी जाती है। FIR 2 SUNNAT 2 NAFIL – TOTAL 14 RAKAT HAI
7. असर की नमाज़ की रकात (Asar ki Namaz ki Rakat)
असर की नमाज़ 4 रकात फर्ज़ होती है।AUR 4 SUNNAT HOTI HAI JO FARZ NAMAZ KE PEHLE PADHNA HAI. TOTAL – 8 RAKAT
8. तहज्जुद की नमाज़ की रकात (Tahajjud ki Namaz ki Rakat)
तहज्जुद की नमाज़ कम से कम 2 रकात और अधिकतम 12 रकात तक पढ़ी जा सकती है।
9. फजर की नमाज़ की रकात (Fajr ki Namaz ki Rakat)
फजर की नमाज़ 2 रकात फर्ज़ और 2 रकात सुन्नत के साथ कुल 4 रकात होती है।
10. मग़रिब की नमाज़ की रकात (Magrib ki Namaz ki Rakat)
मग़रिब की नमाज़ 3 रकात फर्ज़ और 2 रकात सुन्नत के साथ कुल 5 रकात होती है।
Namaz Rakat: Final Thoughts in Hindi
हर नमाज़ की रकात को जानना एक मुसलमान के लिए जरूरी है ताकि वह सही तरीके से अल्लाह की इबादत कर सके। हर रकात हमें अल्लाह के करीब लाती है, हमारे दिल को सुकून देती है और हमें नेकियों से भर देती है।
सुन्नत और नफ़्ल रकातों को भी अपनाना चाहिए, क्योंकि उनमें बहुत सवाब है। हदीस में आता है:
“जो व्यक्ति 12 सुन्नत रकात की पाबंदी करता है, अल्लाह उसके लिए जन्नत में घर बनाता है।”
(तिर्मिज़ी)
इन 12 रकातों में शामिल हैं:
- फ़ज्र से पहले 2
- ज़ुहर से पहले 4 और बाद में 2
- मग़रिब के बाद 2
- इशा के बाद 2
हर नमाज़ — चाहे वह फज्र की सुकून भरी शुरुआत हो, ज़ुहर की सोच-समझ, असर की शांति, मग़रिब की शुक्रगुज़ारी, या इशा की बंदगी — हमारे दिल और रूह को संवारती है।
दुआ है कि अल्लाह हमें नमाज़ की पाबंदी करने वाला बना दे, और हमारी इबादतों को कबूल फरमाए।