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Ghar Se Nikalne Ki Dua | घर से निकलने की दुआ हिंदी, उर्दू और इंग्लिश में

Ghar se Nikalne jane ki dua– Ghar se bahar jate waqt apna left pair bahr rakhe aur ye dua padhe . age piche darud sharif padh sakte hai. 3 baar aytal kursi padhne se allah ki hifazat me rehta hai aur safar karne ja rahe hai toh safar ki dua padhe.

जब भी कोई मुसलमान घर से बाहर निकलता है, वह अल्लाह से हिफ़ाज़त और रहमत मांगने के लिए एक ख़ास दुआ पढ़ता है। इस “घर से निकलने की दुआ” से हमें यह याद रहता है कि हर काम अल्लाह के हुक्म से होता है और वही सबसे बड़ा रक्षक है।

Ghar Se Nikalne Ki Dua in Arabic

بِسْمِ اللَّهِ تَوَكَّلتُ عَلَى اللَّهِ، لَا حَوْلَ وَ لَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ

Ghar Se Nikalne Ki Dua in Hindi

बिस्मिल्लाहि तवक्कल्तु ‘अला अल्लाह, ला हौला वला कुव्वता इल्ला बिल्लाह

Ghar Se Nikalne Ki Dua in Roman English

“Bismillahi tawakkaltu ‘ala Allah, la hawla wa la quwwata illa billah.”

Meaning of Ghar Se Nikalne Ki Dua in English

“In the name of Allah, I place my trust in Allah. There is no power and no strength except with Allah.”

ghar se nikalne ki dua
Ghar Se Nikalne Ki Dua | घर से निकलने की दुआ हिंदी, उर्दू और इंग्लिश में 2

Benefits of Ghar Se Nikalne Ki Dua

  • Protection from harm: यह दुआ बुरी नज़र, हादसों और नुकसान से हिफ़ाज़त देती है।
  • Trust in Allah: यह दुआ अल्लाह पर भरोसा जताती है।
  • Daily reminder: अल्लाह की ताकत और रहमत की याद दिलाती है।
  • Spiritual shield: रूहानी हिफ़ाज़त और दया के लिए पढ़ी जाती है।

Summary Table – Ghar Se Nikalne Ki Dua

LanguageText
Arabicبِسْمِ اللَّهِ تَوَكَّلتُ عَلَى اللَّهِ، لَا حَوْلَ وَ لَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ
Hindiबिस्मिल्लाहि तवक्कल्तु ‘अला अल्लाह, ला हौला वला कुव्वता इल्ला बिल्लाह
Roman UrduBismillahi tawakkaltu ‘ala Allah, la hawla wa la quwwata illa billah
Meaning (English)In the name of Allah, I place my trust in Allah…

How to Recite Ghar Se Nikalne Ki Dua

  • घर से निकलते वक़्त बायाँ पैर पहले बाहर रखें
  • दुआ दिल से और ध्यान से पढ़ें
  • अगर मुमकिन हो तो किबला की तरफ़ मुंह करके दुआ पढ़ें
  • अगले और पिछले में दुरूद शरीफ भी पढ़ सकते हैं।
  • 3 बार आयतुल कुर्सी पढ़ने से अल्लाह की खास हिफ़ाज़त मिलती है।
  • अगर आप सफर कर रहे हैं, तो साथ में सफ़र की दुआ भी ज़रूर पढ़ें।

FAQs – Ghar Se Nikalne Ki Dua

1. घर से निकलते वक़्त दुआ क्यों पढ़ते हैं?

ताकि अल्लाह की हिफ़ाज़त, रहमत और बरकत हमें हर कदम पर मिले।

2. क्या यह दुआ किसी भी भाषा में पढ़ सकते हैं?

हां, अरबी में पढ़ना बेहतर है, लेकिन समझ के लिए आप इसे हिंदी, उर्दू या इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

3. क्या यह दुआ सिर्फ यात्रा के लिए है?

नहीं, ये हर बार घर से बाहर निकलते समय पढ़ी जाती है—चाहे आप काम पर जा रहे हों या कहीं और।


Conclusion – Make it a Daily Habit!

“Ghar Se Nikalne Ki Dua” एक छोटी लेकिन बहुत असरदार दुआ है। इसे हर रोज़ पढ़ने से न सिर्फ़ आपको अल्लाह की हिफ़ाज़त और रहमत मिलती है, बल्कि यह आपकी ईमान को मज़बूत भी करती है।
हर बार घर से निकलते वक़्त इस दुआ को पढ़ना अपनी आदत बनाइए।

ARMAN
ARMANhttps://islamforall.in
Arman Tamboli, Masters in Islamic University. 14+ years of experience helping individuals with Islamic Knowledge & Quran. Certified by Islamic Scholar University.
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