Quran Me Shifa Ki Ayat:Jo Aapko Har dard Se Nikalengi

आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि Quran me shifa ki ayat हैं और ये कैसे हमारी सेहत को बेहतर बना सकती हैं। जानिए Quran me shifa ki kitne ayat है और इससे फायदा उठाये।

Quran Me Shifa Ki Ayat
Quran Me Shifa Ki Ayat
  • एक बार एक बुजुर्ग ने ख्वाब में रसूल अल्लाह (ﷺ) की ज़ियारत की।
  • उन्होंने रसूल अल्लाह (ﷺ) से अपनी परेशानी का ज़िक्र किया कि उनका एक नौजवान बेटा कई दिनों से बीमार है
  • और कोई भी दवा उसका इलाज नहीं कर पा रही है।
  • रसूल अल्लाह (ﷺ) ने उनसे फरमाया, “क्या तुम आयते शिफा से गाफिल हो?”
  • इसके बाद, बुजुर्ग ने तीन बार आयते शिफा पढ़ीं और अपने बेटे पर दम किया।
  • अल्लाह के फज़ल से उनका बेटा बिल्कुल ठीक हो गया।

कुरान में सिफ़ा की 10 आयते ( 10 Quran me shifa ki ayat):

अब सवाल यह उठता है कि यह आयते शिफा कौन सी हैं?
आयते शिफा कुरआन के अलग-अलग सूरह में मौजूद हैं,
और इनकी तिलावत से बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।
यह आयतें कुछ इस प्रकार से हैं:

1. सूरह अल-फातिहा (1:1-7):

आयत: “अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन… इय्याका ना’बुदु व इय्याका नस्तईन।”(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (अल्लाह की तारीफ़ है, जो सारे जहानों का पालनहार है… हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझी से मदद मांगते हैं।)
दलील: यह सूरह हर बीमारी के इलाज में सबसे अहम मानी जाती है। हदीस में आता है कि एक सहाबी ने इसे एक कबीले के सरदार पर पढ़ा जो सांप के काटने से बीमार हो गया था और अल्लाह के हुक्म से वह शिफा पा गया।
हदीस: (सहीह बुख़ारी, हदीस नंबर 5749)

2. सूरह अल-बक़रह (2:255) – आयत-उल-कुर्सी:

आयत: “अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हुआल-हैय्युल-क़य्यूम…””(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वही ज़िंदा और क़ायम है…)
दलील: यह आयत हर तरह की बुराई से हिफाज़त के लिए है, और इसे पढ़ने से शिफा हासिल होती है।
हदीस: (सहीह मुस्लिम, हदीस नंबर 810)

3. सूरह अल-इख़लास (112:1-4):

आयत: “कुल हूवल्लाहु अहद, अल्लाहुस-समद…””(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (कह दो: वह अल्लाह अकेला है, अल्लाह सबका मुथाज है…)
दलील: यह सूरह शिफा के लिए पढ़ी जाती है, और हदीस में इसे एक-तिहाई कुरआन के बराबर माना गया है।
हदीस: (सहीह बुख़ारी, हदीस नंबर 5013)

4. सूरह अल-फलक़ (113:1-5):

आयत: “कुल अऊधु बिरब्बिल-फलक़…”(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (कह दो: मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूं…)
दलील: यह सूरह हर तरह की बुराई और बीमारी से हिफाज़त के लिए है।
हदीस: (सहीह मुस्लिम, हदीस नंबर 814)

5. सूरह अन-नास (114:1-6):

आयत: “कुल अऊधु बिरब्बिन-नास…” (आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (कह दो: मैं लोगों के रब की पनाह मांगता हूं…)
दलील: यह सूरह बुराई और जादू के असर से बचने के लिए है।
हदीस: (सहीह मुस्लिम, हदीस नंबर 814)

6. सूरह अल-क़लम (68:51-52):

आयत: “व इन् यकादुल-लज़ीना कफ़रू…”(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (और निश्चय ही जो काफ़िर हैं, वो तुम्हें अपनी नज़रों से गिराना चाहते हैं…)
दलील: इस आयत को नज़र-ए-बद से हिफाज़त के लिए पढ़ा जाता है।
तफ़सीर: (तफ़सीर इब्न कसीर)

7. सूरह अल-इसरा (17:82):

आयत: “व नुन्नज़िलु मिनल-क़ुरआनि मा हूव शिफा-उव व रह्मतुल्लिल-मु’मिनीना…”(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (और हम कुरआन में से वह चीज़ नाज़िल करते हैं जो मोमिनों के लिए शिफा और रहमत है…)
दलील: यह आयत बताती है कि पूरा कुरआन ही शिफा है, और इसे पढ़ने से बीमारियों से निजात मिलती है।

8. सूरह आश-शुअरा (26:80):

आयत: “वा इज़ा मरिद्तु फहुवा यश्फीन…”(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (और जब मैं बीमार होता हूं, तो वही मुझे शिफा देता है…)
दलील: यह आयत हमें यह यकीन दिलाती है कि असली शिफा देने वाला सिर्फ़ अल्लाह है।
तफ़सीर: (तफ़सीर इब्न कसीर)

9. सूरह अल-हाशर (59:21):

आयत: “लौ अंज़ल्ना हाज़ल-क़ुरआना आला जाबलिन…”(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )
अर्थ: (अगर हमने इस कुरआन को किसी पहाड़ पर नाज़िल किया होता…)
दलील: यह आयत कुरआन के असर और उसकी ताकत को बयान करती है, और इसे शिफा के लिए पढ़ा जाता है।

10. सूरह यूनुस (10:57):

आयत: “या अय्युहन-नासु क़द जा’अत्कुम मऊइज़तुम मिन रब्बिकुम व शिफा-उल-लिमा फी-स्सुदूर…”(आयात को कुरान से देख कर पढ़े )

अर्थ: (ऐ लोगों, तुम्हारे रब की तरफ़ से एक नसीहत और दिलों की बीमारियों के लिए शिफा आ गई है…)
दलील: यह आयत दिल की बीमारियों और रूहानी समस्याओं के इलाज के लिए पढ़ी जाती है।

आपने इस पोस्ट में Quran me shifa ki ayat के बारे में जानकारी हासिल की। हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए फायदे मन्द होगी। Quran me shifa ki ayat और इसी तरह की और जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें। islamforall.in

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FAQ

कौन सी कुरान आयत शिफा के लिए है?

  • सूरह अल-इसरा (17:82): “और हम कुरान में वह चीज़ें उतारते हैं जो मोमिनों के लिए शिफा और रहमत हैं।”
  • सूरह अल-फातिहा: इसे भी शिफा के लिए पढ़ा जाता है।

शिफा के लिए अल्लाह का कौन सा नाम है?

  • अश-शाफ़ी: इसका मतलब है “शिफा देने वाला।” इसे पढ़कर अल्लाह से शिफा की दुआ मांगी जाती है।

अल्लाह से शिफा कैसे मांगे?

  • दुआ में नाम “अश-शाफ़ी” का जिक्र करें।
  • “या अल्लाह, मुझे शिफा अता फरमा।”
  • कुरान की शिफा वाली आयतें पढ़ें और अल्लाह से दुआ करें।

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